बुलंदशहर,यूपी। यूपी सरकार भले ही भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की बात कर रही हो, मगर कुछ अधिकारी रिश्वतखोरी करने से बाज नही आ रहे। यूपी के बुलंदशहर के जिला अस्पताल में फर्जी मैडिकल बनवाने के नाम पर 7000 रुपए की रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। एक ईएमओ और फार्मेसिस्ट पर फर्जी मैडिकल बनाने पर रिश्वतखोरी के आरोप लग रहे है। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। डीएम सीपी सिंह ने मामले को लेकर 4 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई होगी। वायरल वीडियो 1माह पूर्व का बताया जा रहा है।
जानिए क्या है वायरल वीडियो में
बुलंदशहर के बाबू बनारसीदास राजकीय जिला चिकित्सालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक शख्स से मैडिकल में गंभीर चोटें अंकित करने के नाम 7000 रुपए का लेनदेन हो रहा है। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात EMO और फार्मेसिस्ट ने फर्जी मैडिकल बनाने के नाम पर रिश्वत ली है। वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।
ऐसे हुआ मैडिकल के नाम पर रिश्वतखोरी के खेल का खुलासा..
मेरठ में सेवारत बुलंदशहर निवासी पीएसी के एक आरक्षी का विवाह बुलंदशहर की ही एक युवती से हुआ था। कुछ माह उपरांत युवती ने अपने ही ससुरालियो पर दहेज की मांग पूरी न होने पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने आदि के गंभीर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। पीड़ित पीएसी के जवान ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मारपीट के गलत आरोपी को सही साबित करने को फर्जी मैडिकल बनवाने का भी दावा किया गया था। पीएसी के जवान ने अस्पताल में व्याप्त मेडिकल के नाम पर भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा करने के लिए अपने चचेरे भाई का इस्तेमाल किया और अपने चचेरे भाई को अपनी ही अविवाहित बहन को विवाहित बताकर उसका बिना किसी मजरूमी चिट्ठी के मैडिकल जिला अस्पताल से बनवाया और मेडिकल बनवाने के नाम पर ₹7000 का लेनदेन हुआ। बताया जाता है कि पत्नी पीड़ित पीएसी के जवान ने बुलंदशहर पुलिस को पूर्व में प्रार्थना पत्र दिया था जिसके साथ रिश्वतखोरी की वीडियो, बातचीत की ऑडियो, पिता आदि के साथ जा रही पत्नी का सीसीटीवी फुटेज संलग्न की थी। पीड़ित का दावा है कि थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की।

डीएम एक्शन में, बनाई 4 सदस्यीय जांच कमेटी
आज जिला अस्पताल में ईएमओ पर रिश्वतखोरी के आरोपों के साथ वीडियो वायरल हुआ तो बुलंदशहर के डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और तत्काल चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। जिलाधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के लिए कल्याण सिंह मेडिकल महाविद्यालय बुलंदशहर की प्रधानाचार्य डा.मनीषा जिंदल, बुलंदशहर के सीएमओ डा. विनय कुमार सिंह, कस्तूरबा गांधी महिला जिला चिकित्सालय के सीएमएस डा.अजय पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी की जांच कमेटी बनाई है। जांच कमेटी वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच करेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।