मिर्जापुर, यूपी। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी जोरों पर है, हर नेता अपने अपने क्षेत्र में जोर शोर से तैयारियों में जुट गया है। मिर्जापुर लोकसभा से एनडीए की प्रमुख सहयोगी अपनादल एस की अध्यक्षा अनुप्रिया पटेल सांसद हैं , AT समाचार ने मिर्जापुर के विभिन्न इलाकों का सर्वे किया जिसमें लोगों से बात चीत की, प्रमुख रूप से ड्रमंडगंज, सेमराकला, बंजारीकला, लालापुर, रतेह, गड़बड़ा पुल, हालिया, बरी, ददरी, बरक्च, महुलार, झेलमपुर, पटरकला, लालगंज, डुबरा, पालूतुकी, विजय पूर गैपुरा, मड़िहान , राजगढ़, भावं देवपुरा, ददरा, टेकौर, स्टेशन रोड, दरगाह, सद्दूपुर , बगहीं , गांगपुर , जलालपुर , भभौरा , पंडरी क्षेत्रों के लोगों से राय लिया कि अनुप्रिया पटेल के बारे में क्या सोचते हैं और 2024 में क्या सम्भावना है और उनका विकल्प कौन है ? इन सब बातों का उत्तर आप को आगे मिलेगा अभी हम आप को कुछ इतिहास और डाटा की तरफ ले चलते हैं।
अनुप्रिया पटेल केंद्रीय मंत्री भी हैं , पहली बार अनुप्रिया पटेल 2014 में मिर्जापुर से सांसद हुईं और 2019 लोकसभा चुनाव में अनुप्रिया पटेल को 591564 वोट मिले थे, उनके विपक्ष में सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी राम चरित को केवल 359556 वोट ही मिल पाया, कांग्रेस से ललितेश त्रिपाठी को 91501 वोट मिला। इस तरह से अनुप्रिया पटेल को 232008 वोट से जीत मिली थी।
2024 लोकसभा चुनाव होने वाला है, हम 2024 लोकसभा चुनाव का विश्लेषण करें इसके पहले 2022 में हुए विधानसभा के परिणाम पर भी नजर डाल लेते हैं, जहाँ मिर्जापुर लोकसभा के पांचो विधानसभा में तीन पर मड़िहान, मिर्जापुर शहर और चुनार में बीजेपी का कब्ज़ा है, मझवा विधानसभा में एनडीए सहयोगी निषाद पार्टी से विधायक है तो छानबे विधानसभा से अपनादल एस का विधायक है। 2022 विधानसभा चुनाव में पांचो विधानसभा चुनाव में एनडीए को कुल 540736 वोट मिले, सपा और बसपा अलग अलग लड़े थे सपा को कुल पांचो विधानसभा में 318176 वोट मिले। बसपा को पांचो विधानसभा में कुल 170519 वोट मिले। विधानसभा चुनाव को आधार बनायें तो एनडीए का वोट मामूली घटा जहाँ अनुप्रिया पटेल 2019 में 591564 वोट पायी थीं वही विधानसभा चुनाव में एनडीए को 540736 वोट मिला जो केवल 50827 वोट ही कम था। लेकिन विधानसभा चुनाव में सपा को भी लोकसभा के मुकाबले कम वोट मिले जो केवल 318176 वोट था जबकि सपा बसपा को 2019 लोकसभा में कुल 359556 वोट मिला था यानी सपा को 38383 वोट कम मिले, बसपा विधानसभा अलग लड़ी थी जिकी वजह से मान सकते हैं, लेकिन बसपा को विधानसभा चुनाव में 170519 वोट मिले इससे लगता है लोकसभा चुनाव में बसपा का वोट भी अनुप्रिया पटेल को गया क्योंकि अगर बसपा का यह वोट है तो सपा बसपा प्रत्याशी को कम से कम लोकसभा चुनाव में 448695 वोट मिलना था लेकिन केवल 359556 वोट यानि 129139 वोट कम मिला जो अपनादल एस को जाता हुआ प्रतीत होता है।
अब बात करते हैं मिर्जापुर की वर्तमान सियासत पर, अनुप्रिया पटेल पिछले चुनाव भारी अंतर से जीत कर सांसद बनी और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री भी हैं। मिर्जापुर के पांचो विधानसभा छानबे, मड़िहान, मझवा, चुनार और मिर्जापुर शहर में AT Samachar ने दौरा किया। पांचो विधासनभा में अनुप्रिया के किये गए काम दिखाई देते हैं, हालाँकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के साथ उद्घाटन के पत्थर लगे हैं लेकिन सड़कें एकदम नई जैसे कल ही बनवायी गयी हों , लिंक रोड हो या मुख्य मार्ग चमचमाती सड़कें दिखा जाएँगी, मिर्जापुर का जिला अस्पताल इतना आधुनिक और सुविधापूर्ण बनाया गया कि पडोसी जिले से लोग इलाज कराने के लिए आते हैं, वाणसागर परियोजना भी अनुप्रिया पटेल की देन मानी जाती है, ड्रामानगंज से हलिया जाने में घंटों लगते थे लेकिन आज सड़क की वजह से कुछ मिनटों में पंहुचा जा सकता है।
AT समाचार ने जनता से और कुछ पत्रकारों से बात किया लोगों ने एक स्वर में कहा कि विकास तो अनुप्रिया पटेल ने किया है, यहाँ तक की अनुप्रिया पटेल के बारे में लोगों ने यह कहा कि किसी गावं में अनुप्रिया पटेल ने पार्टीसिजम नहीं किया, यानि अगर दो पक्षों में कोई विवाद है तो एक पक्ष का साथ दिया हो और एक पक्ष का न दिया हो ऐसा नहीं किया, यानि अपना विरोधी नहीं बनाया सुना सबका, सबसे बड़ी बात मिर्जापुर के पांचो विधानसभा में यह देखने को मिली कि कोई भी सरकारी योजना हो उसको गावं गावं और घर घर तक अनुप्रिया पटेल के माध्यम से पंहुचा। पटेहरा में एक सज्जन मिले उन्होंने कहा कि उनके गावं में सरकारी टुब्बेल लगवाना था अनुप्रिया पटेल की ऑफिस में लिखवा ए और वह लग गया, इस तरह से अनुप्रिया पटेल ने अपने कार्ययालय पर एक ऑफिस सेटअप बनाया और सरकारी योजनाओं के लाभ सिस्टम के तहत हर विधानसभा में हर जरूरतमंत को दिया। इस तरह का सिस्टम का काम किसी और लोकसभा में दिखाई नहीं देता है। हालाँकि कुछ लोग मिले जो कहते सुने गए कि मंत्री जी ने विकास का काम बहुत किया लेकिन आम जनता से कनेक्ट कम है। पांचो विधानसभा क्षेत्र में एक स्वर में लोगों ने कहा कि अनुप्रिया पटेल का कोई विकल्प नहीं है।
वही जब स्थानीय पत्रकारों से बात हुई तो पता चला कि अनुप्रिया पटेल के बारे में तरह तरह की अफवाहें फैली हुई हैं, कुछ लोगों का कहना है कि अनुप्रिया पटेल अब मिर्जापुर के जगह कोई और लोकसभा सीट से लड़ना चाहती हैं जिसमें प्रतापगढ़ या कोई और, कुछ लोगों ने कहा कि सपा से पल्लवी पटेल चुनाव लड़ सकती हैं, कुछ लोगों के अनुसार नितीश कुमार मिर्जापुर से लड़ सकते हैं इसलिए अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर नहीं लड़ना चाहती हैं।
जब एटी समाचार ने इन अफवाहों की जाँच किया तो यह निराधार निकली आज इंडिया गठबंधन के पास कोई अनुप्रिया पटेल के सामने कोई मजबूत विकल्प नहीं है, पीछे लोकसभा और विधानसभा के विश्लेषण से आप को पता चला कि लोकसभा में सपा बसपा गठबंधन लगभग 2 लाख 30 हजार से जायदा वोटों से पीछे था, और विधानसभा को आधार बनाया जाय तो लगभग 2 लाख 22 हजार से ज्यादा वोट से विपक्ष पीछे है। इतनी मजबूत सीट छोड़कर कोई सांसद कहीं और लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की कैसे सोच सकता है, ऊपर से राम मंदिर निर्माण से अलग फिजा बन गयी है। कुछ पत्रकारों का कहना था कि बीजेपी सर्वे करा रही है कि अपने तीनों विधायकों में से किसी को टिकट दिया जाय और अनुप्रिया पटेल को दूसरे विधासनभा से लड़ाया जाय। लेकिन मिर्जापुर लोकसभा से बीजेपी की नहीं चलने वाली है, यह सीट अपनादल यस की है और अपनादल एस की वजह से बीजेपी को 40 लोकसभा सीट पर सफलता मिलती है, बीजेपी अनुप्रिया पटेल की सीट के साथ कोई क्षेदखानी नहीं करेगी। अब अगर हम अनुप्रिया पटेल के जीत के मार्जिन की सम्भावना का अंदाजा लगाएं तो लोग पक्षपात की बात करने लगेंगे लेकिन सूरत ये हाल यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव में जिस अंतर से जीत मिली थी उसमें सुधार होने की सम्भावना आज दिखाई दे रही है।
कुल मिलकर मिर्जापुर की राजनितिक हालात यह है कि एनडीए से अपनादल एस की नेता अभी बहुत मजबूत हैं और विपक्ष विकल्प हीन दिखाई देता है।